
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच केजरीवाल सरकार ने 5 नवंबर से सभी प्राइमरी स्कूल बंद रखने की घोषणा की है। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने इसका ऐलान किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पांचवी कक्षा से ऊपर की सभी आउटडोर गतिविधियां भी बंद रहेंगी।
इसके साथ ही दिल्ली में प्रदूषण को देखते हुए ऑड ईवन लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि बच्चों को कोई तकलीफ हो। वहीं नौंवी क्लास से 12वीं क्लास की तक के स्कूलों को भी ये कहा गया है कि जहां तक हो सकते उन्हें भी ऑनलाइन क्लास चलाएं स्कूलों में छात्रों को न बुलाया जाए। इस दौरान सभी तरह की आउटडोर गतिविधियों पर भी रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं। एयर पॉल्यूशन की वजह से दिल्ली में इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाले ट्रकों के अलावा अन्य ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। हालांकि इसमें आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले ट्रकों को छट दी गई है।
उधर, सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में वायु प्रदूषण के संबंध में तत्काल कदम उठाने की मांग वाली याचिका पर 10 नवंबर को विचार करने के लिए तैयार हो गया। एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले को रखा और तत्काल सुनवाई की मांग की। वकील ने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि के कारण राजधानी में वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इस बात से सहमत है कि मामले में हस्तक्षेप की आवश्यकता है। पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए 10 नवंबर की तारीख को निर्धारित किया।
पराली जलाने और प्रदूषण पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने लिखा, 'आपसे अनुरोध है कि पंजाब में जल रही पराली को नियंत्रित करने के लिए तत्काल और ठोस उपाय करें, जिसने राष्ट्रीय राजधानी को एक बार फिर गैस चैंबर में बदल दिया है।'
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (एसएएफएआर) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 418 दर्ज किया गया।
एसएएफएआर के आंकड़ों के अनुसार शाम तक, एयर क्वालिटी इंडेक्स और भी खराब हो गया और बढ़कर 458 हो गया। एसएएफएआर के आंकड़ों के मुताबिक, पीएम 2.5 और पीएम 10 की सांद्रता क्रमश: 458 और 433 थी, दोनों एक ही 'गंभीर' श्रेणी में थे।
बता दें, शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा' माना जाता है। 51 से 100 तक 'संतोषजनक', 101- 200 'मध्यम', 201-300 'खराब', 301-400 'बहुत खराब' और 401-500 'गंभीर' माना जाता है।
(आईएएनएस के इनपुट के साथ)
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