
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को एक संगठन ने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लोगों के कथित तौर पर उत्पीड़न के विरोध में विशाल मार्च निकाला। इस मार्च में महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारे लगाए।
Published: undefined
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद का यह जुलूस उत्तर-मध्य कोलकाता के राजाबाजार इलाके से शुरू हुआ और शहर के मध्य भाग स्थित एस्प्लेनेड पर समाप्त हुआ। लगभग 4.5 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया। मार्च में हजारों की संख्या में शामिल लोगों ने एसआईआर के खिलाफ बैनर और पोस्टर लिए हुए थे। मार्च में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया।
Published: undefined
मार्च का नेतृत्व कर रहे बंगाल सरकार में जन शिक्षा विस्तार एवं पुस्तकालय सेवा मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नागरिकों सहित निवासियों को सत्यापन के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा होने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो ‘अमानवीय’ है। चौधरी ने कहा, “हम लोकतांत्रिक तरीकों से अपना संघर्ष जारी रखेंगे। हमारे साथ अन्याय हो रहा है, जो अस्वीकार्य है।”
Published: undefined
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस वर्ष राज्य विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर कराने के लिए निर्वाचन आयोग पर दबाव डाल रही है। चौधरी ने एसआईआर के दौरान अल्पसंख्यकों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाए जाने के सवाल के जवाब में कहा कि यह विरोध ‘दमन और एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता को कमजोर करने’ के खिलाफ है।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined