
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दफ्तर जाने वाले हैं। जिसको देखते हुए बलार्ड एस्टेट के आसपास धारा-144 लागू कर दी गई है। दूसरी ईडी ने आज के लिए शरद पवार को दफ्तर से मना कर दिया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “सरकार द्वारा निशाना बनाए जाने वाले शरद पवार विपक्ष के नए नेता हैं। महाराष्ट्र में चुनाव से एक महीना पहले इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक अवसरवाद की पुनरावृत्ति है।”
दूसरी ओर शिवसेना नेता संजय राउत अपनी धुर विरोधी पार्टी एनसीपी के प्रमुख शरद पवार के समर्थन में उतर गए हैं। मनी लांड्रिंग के आरोपों से घिरे एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बारे में उन्होंने कहा है कि उन पर लगे आरोपों पर लोग विश्वास नहीं रखते। उन्होंने कहा कि जो टाइमिंग है, वह भी सोचने वाली है।
संजय राउत ने पवार को भारतीय राजनीति का भीष्म पितामह बताते हुए कहा कि पूरा महाराष्ट्र जानता है जिस बैंक में घोटाले को लेकर ईडी ने एफआईआर में नाम दर्ज किया है, उस बैंक में शरद पवार किसी भी पद पर नहीं रहे हैं। शिकायतकर्ता ने भी कहा है कि उन्होंने शरद पवार का कहीं भी नाम नहीं दिया था। अन्ना हजारे भी उन्हें क्लीन चिट दे चुके हैं। ईडी उनके साथ ठीक नहीं कर रही है।
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने पवार और उनके भतीजे अजीत पवार को महाराष्ट्र स्टेट कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड में कई करोड़ के घोटाले के मामले में नामजद किया था, जिसके सिलसिले में वो ईडी कार्यालय जाएंगे।
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Published: 27 Sep 2019, 1:14 PM IST