
उत्तर और पूर्वी भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने के कारण रविवार को भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं हुईं और बारिश से हुए हादसों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले छह-सात दिन तक उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले सात दिन तक बारिश की गतिविधि कमजोर रहने की संभावना जताई है।
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ आने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य लोग लापता हैं। इसके बाद कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया। सबसे ज्यादा तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई। इसी तहसील में सबसे अधिक लोगों की मौत हुई।
अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के बीच बचाव दल लापता लोगों का पता लगाने के लिए तेजी से अभियान चला रहे हैं।
राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राष्ट्रीय राजधानी का अपना दौरान बीच में ही समाप्त कर दोपहर में जम्मू लौटने का फैसला किया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
इसके अलावा, मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में बारिश का अनुमान जताए जाने के बाद प्राधिकारियों ने पहलगाम और बालटाल मार्गों से अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी।
अधिकारियों ने कश्मीर क्षेत्र में बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी आधार शिविरों तथा जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं की आगे की यात्रा पर रोक लगा दी। बारिश रविवार तड़के शुरू हुई और कश्मीर के जंगलों में बादल फटने की घटनाएं हुईं।
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 19 से 23 जुलाई तक मध्यम से व्यापक पैमाने पर बारिश का अनुमान जताया है। उत्तराखंड के अधिकतर हिस्से लगातार बारिश से प्रभावित हुए। हरिद्वार जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने 10 जिलों के लिए ‘रेड’ और ‘ओरेंज’ अलर्ट जारी किए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से राज्य में विभिन्न स्थानों पर दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 84 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।
मौसम विभाग ने रविवार से अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर जिलों के लिए ‘आरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में ‘येलो अलर्ट’ लागू है।
नगालैंड के मोन जिले में अचानक आई बाढ़ में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ में मकान बह गए, सड़कें अवरुद्ध हो गईं और कई लोग मलबे के नीचे फंस गए।
कई घंटे की भारी बारिश के बाद मोन शहर में मकानों, सड़कों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में पानी भर गया है और भूस्खलन के कारण प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
प्राधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया है क्योंकि बाढ़ और भूस्खलन के मलबे के नीचे कई लोगों के अब भी फंसे होने की खबर है।
नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉनी रुआंगमेई ने बताया कि रविवार तड़के से लगातार जारी बारिश के कारण निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई और जलभराव हो गया, जबकि पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन के कारण प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गईं तथा यातायात बाधित हुआ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो दिन तक पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और क्षेत्र के निचले हिस्सों में बाढ़ आने की आशंका को लेकर चेतावनी भी जारी की है।
आईएमडी ने कहा कि शनिवार से दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार समेत उत्तर बंगाल के जिलों में लगातार बारिश हो रही है जिससे तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडक समेत क्षेत्र की कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
ईएमडी के अनुसार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में अत्यधिक भारी बारिश तथा हिमालय के तराई वाले अन्य जिलों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
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