
राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान बिना बताए गायब होने वाले सदस्यों की खैर नहीं है। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने आज सदस्यों को नसीहत देते हुए कहा कि वे उचित कारण पर ही सदन से अवकाश लें। बता दें कि सदन की कार्यवाही शुरू करने से पहले नायडू ने सदस्यों को जानकारी दी कि समाजवादी पार्टी के बेनी प्रसाद वर्मा ने स्वास्थ्य ठीक नहीं होने और केरल कांग्रेस के जोस के मणि ने पार्टी के कामकाज के लिए अवकाश मांगा है।
सदन की अनुमति से सभापति एम वेंकैया नायडू ने दोनों सदस्यों को अवकाश की मंजूरी दे दी। हालांकि उन्होंने कहा कि सदस्य अवकाश के लिए अपने आवेदन में पार्टी या परिवार संबंधी कारणों का हवाला देने के बजाय इसका समुचित कारण लिखें। उन्होंने आगे कहा कि सदस्यों को अवकाश के लिए पार्टी के कामकाज का उल्लेख नहीं करना चाहिए क्योंकि सभी नेताओं को पार्टी का काम करना ही होता है।
वहीं बात करे आज की कार्यवाही की तो विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच दिनभर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही दोबारा जैसे ही शुरू हुई, विपक्ष खासतौर पर समाजवादी पार्टी और तृणमूल के सांसद अध्यक्ष के आसन के पास एकत्रित हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। समाजवादी पार्टी के सदस्य विश्वविद्यालय की नौकरियों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण के नए मानदंडों के खिलाफ विरोध कर रहे थे। जबकि टीएमसी के सदस्य केंद्र द्वारा सीबीआई के कथित दुरुपयोग का विरोध कर रहे थे। वहीं हंगामे के बीच, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजीजू ने एक विधेयक पेश किया।
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Published: 06 Feb 2019, 7:16 PM IST