
सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशालकाय प्रतिमा देश को समर्पित कर दी गई। बुधवार 31 अक्टूबर को उनके जन्मदिन के मौके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने सरदार पटेल के बारे में तमाम बातें कहीं लेकिन संभवत: उन्हें याद नहीं रहा कि जिस संगठन आरएसएस में मोदी का प्रशिक्षण हुआ है, उस पर सरदार पटेल ने ही पाबंदी लगाई थी। और पाबंदी हटाने में यह शर्त लगाई थी कि संघ कभी भी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं होगा। संघ ने बाकायदा लिखित में ऐसा आश्वासन भी दिया था।
कांग्रेस ने सरदार पटेल की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक वीडियो जारी किया है, जिसमें सरदार पटेल के भाषणों के अंश भी शामिल किए गए हैं। साथ ही उनके द्वारा कहे गए कुछ विचार भी पेश किए गए हैं।
इस वीडियों में कांग्रेस ने कहा है कि “ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जहां कांग्रेस पार्टी को लाखों मेहनकश लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाली और उनके लिये ही जीने वाली पार्टी बताया, वहीं आरएसएस की जहर उगलने और हिंसा तथा नफरत फैलाने वाली असलियत भी देश को बताई।”
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट के जरिए सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि, “सरदार पटेल सच्चे देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने देश को एकसूत्र में बांधने और धर्मनिरपेक्ष बनाने के लिए संघर्ष किया। लोहे जैसे इरादों वाले सरदार पटेल सांप्रदायिकता और धर्मांधता को कभी बरदाश्त नहीं करते थे।”
एक अन्य ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा, “यह भी एक विडंबना है कि सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है, लेकिन हर वो संस्था जिसको उन्होंने बनाने में मदद की थी उसे तबाह किया जा रहा है। व्यवस्थित ढंग से देश की संस्थाओं को बर्बाद करना किसी राजद्रोह से कम नहीं है।”
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Published: 31 Oct 2018, 12:29 PM IST