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लखनऊ में सामूहिक कार्यक्रमों पर 30 मई तक रोक, धार्मक आयोजन और मांस की बिक्री पर भी पाबंदी

उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राजधानी लखनउ प्रशासन ने सभी तरह के धार्मिक, सामाजिक सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। साथ ही लोगों से घरों में रहने और शारीरिक दूरी यानी फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

फोटो : Getty Images
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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को काबू में रखने और लोगों को इससे बचाने के लिए देश में जारी लॉकडाउन भले ही 3 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थानीय प्रशासन ने धारा 144 के तहत नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब लखनऊ में सभी तरह के धार्मिक, सामाजिक सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। इस बीच रमजान, ईद, बड़ा मंगल जैसे पर्वों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के लखनऊ में नई गाइडलाइन जारी की गई है।

राजधानी लखनऊ में पुलिस कमिश्नर की ओर से जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक लखनऊ में सभी धार्मिक कार्यक्रमों समेत सामूहिक रूप से होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर, प्रसाद वितरण यानी भंडारा आदि करने और टेंट लगाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। नई गाइडलाइन के तहत त्योहारों के दौरान पशु वध, मांस की बिक्री पर भी लखनऊ में रोक रहेगी और धार्मिक स्थानों में झंडे और बैनर भी नहीं लगाए जाएंगे। इसके अलावा धारा 144 के तहत 30 मई तक बिना अनुमति रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर का प्रयोग दंडनीय माना जाएगा।

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