हालात

गांधी जयंती पर सोनिया गांधी बोलीं, ‘काले कानूनों’ के खिलाफ किसानों-कांग्रेस का आंदोलन होगा सफल, विजयी होंगे किसान

सोनिया गांधी ने कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री अन्नदाता पर घोर अन्याय कर रहे हैं। उनके साथ नाइंसाफी कर रहे हैं, जो किसानों के लिए कानून बनाए गए, उनके बारे में उनसे बात तक नहीं की गई। सिर्फ चंद दोस्तों से बात करके किसान विरोधी तीन काले कानून बना दिए गए।

फोटो: INCIndia
फोटो: INCIndia 

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने गांधी जयंती पर देशवासियों को एक वीडियो संदेश दिया है। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, मेरे प्यारे कांग्रेस के साथियों व किसान-मजदूर भाईयों और बहनों, आज किसानों, मजदूरों और मेहनतकशों के सबसे बड़े हमदर्द, महात्मा गांधी जी की जयंती है। गांधी जी कहते थे कि भारत की आत्मा भारत के गांव, खेत और खलिहान में बसती है। आज ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देने वाले हमारे पूर्व प्रधानमंत्री, लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती भी है। लेकिन आज देश का किसान और खेत मजदूर कृषि विरोधी तीनों काले कानूनों के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन कर रहा है। अपना खून पसीना देकर देश के लिए अनाज उगाने वाले अन्नदाता किसान को मोदी सरकार खून के आंसू रुला रही है।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “कोरोना महामारी के दौरान हम सबने सरकार से मांग की थी कि हर जरूरतमंद देशवासी को मुफ्त में अनाज मिलना चाहिए। तो क्या हमारे किसान भाइयों के बगैर ये संभव था कि हम करोड़ों लोगों के लिए दो वक्त के भोजन का प्रबंध कर सकते थे।”

उन्होंने आगे कहा, “आज देश के प्रधानमंत्री हमारे अन्नदाता किसानों पर घोर अन्याय कर रहे हैं। उनके साथ नाइंसाफी कर रहे हैं, जो किसानों के लिए कानून बनाए गए, उनके बारे में उनसे सलाह मशविरा तक नहीं किया गया। बात तक नहीं की गई, यही नहीं उनके हितों को नजरअंदाज करके सिर्फ चंद दोस्तों से बात करके किसान विरोधी तीन काले कानून बना दिए गए।”

सोनिया गांधी ने वीडियो संदेश में कहा, “जब संसद में भी कानून बनाते वक्त किसान की आवाज नहीं सुनी गई, तो वे अपनी बात शांतिपूर्वक रखने के लिए महात्मा गांधी जी के रास्ते पर चलते हुए मजबूरी में सड़कों पर आए। लोकतंत्र विरोधी, जन विरोधी सरकार द्वारा उनकी बात सुनना तो दूर, उन पर लाठियां बरसाईं गईं।”

उन्होंने कहा, “भाइयों और बहनों, हमारे किसान और खेत मजदूर भाई-बहन आखिर चाहते क्या हैं, सिर्फ इन कानूनों में अपनी मेहनत की उपज का सही दाम चाहते हैं और ये उनका बुनियादी अधिकार है। आज जब अनाज मंडियां खत्म कर दी जाएंगी, जमाखोरों को अनाज जमा करने की खुली छूट दी जाएगी और किसान भाइयों की जमीनें खेती के लिए पूंजीपतियों को सौंप दी जाएंगी, तो करोड़ों छोटे किसानों की रक्षा कौन करेगा?”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “किसानों के साथ ही खेत-मजदूरों और बटाईदारों का भविष्य जुड़ा है। अनाज मंडियों में काम करने वाले छोटे दुकानदारों और मंडी मजदूरों का क्या होगा? उनके अधिकारों की रक्षा कौन करेगा ? क्या मोदी सरकार ने इस बारे सोचा है?”

सोनिया गांधी ने अपने संदेश में कहा, “कांग्रेस पार्टी ने हमेशा हर कानून जन सहमति से ही बनाया है। कानून बनाने से पहले लोगों के हितों को सबसे ऊपर रखा है, लोकतंत्र के मायने भी यही हैं कि देश के हर निर्णय में देशवासियों की सहमति हो। लेकिन क्या मोदी सरकार इसे मानती है? शायद मोदी सरकार को याद नहीं है की वो किसानों के हक के ‘भूमि के उचित मुआवजा कानून’ को आर्डिनेंस के माध्यम से भी बदल नहीं पाई थी। तीन काले कानूनों के खिलाफ भी कांग्रेस पार्टी संघर्ष करती रहेगी। आज हमारे कार्यकर्ता हर विधानसभा क्षेत्र में किसान और मजदूर के पक्ष में आंदोलन कर रहे हैं। मैं दावे के साथ कहना चाहती हूं कि किसान और कांग्रेस का यह आंदोलन सफल होगा और किसान भाइयों की जीत होगी। जय हिंद!”

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

Published: 02 Oct 2020, 9:58 AM IST

  • बड़ी खबर LIVE: मणिपुर में राहत कैंपों में हुई मौतों पर SC हैरान, चीफ सेक्रेटरी से मांगा जवाब, पूछा- ठोस कदम क्यों नहीं उठाए

  • ,
  • महाराष्ट्र: शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, मंत्री के काफिले का रास्ता रोका

  • ,
  • UPI पर ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर चार्ज, दिल्ली के कारोबारी बोले- बढ़ेगा कारोबार का बोझ, फैसला वापस ले सरकार

  • ,
  • 'क्या खाएं, यह तय करना व्यक्ति का अधिकार, थोपना ठीक नहीं', ब्रिक्स मेन्यू पर शिवसेना (यूबीटी) का केंद्र पर निशाना

  • ,
  • तमिलनाडु के 10 शहरों में कांग्रेस चलाएगी जाति जनगणना जागरूकता अभियान, केंद्र की प्रक्रिया पर उठाए सवाल