बिहार में एनडीए और बीजेपी के नेता पहले शहीद जवान का अपमान करते हैं और जब उनकी हरकत पर लोगों ने सोशल मीडिया जमकर खिंचाई की तो बाद में अपनी गलती माफी मांगते हुए नजर आए। रविवार को कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद सीआरपीएफ जवान पिंटू सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए न ही बीजेपी और न ही जेडीयू के कोई नेता पहुंचा। जिसके बाद लोगों ने जमकर खिंचाई की। इसको लेकर जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने खेद जताते हुए गलती मानी है। प्रशांत ने ट्वीट किया, “हम इस चूक के लिए माफी चाहते हैं। हमें इस दुख की घड़ी में आपके साथ होना चाहिए था।” उन्होंने शहीद जवान के भाई का वीडियो शेयर करते हुए यह बात कही।
इससे पहले लालू यादव ने डांस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर एनडीए पर शहादत को भुनाने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया है। लालू यादव ने कहा है कि जब एक तरफ शहीद का शव रखा हुआ था, एनडीए की पटना में आयोजित रैली से ठीक पहले वाली शाम ‘गरमा गरम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्होंने फेसबुक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, “एक तरफ तिरंगे में लिपटे मां भारती के वीर शहीद सपूतों के पार्थिव शरीर रखे हुए थे दूसरी तरफ उनकी शहादत को भुनाने वाली राजनीति के लिए पटना में आयोजित रैली से पूर्व संध्या पर नीतीश और मोदी के मंत्री गरमा गरम कार्यक्रम में रंगारंग नृत्य का आनंद ले रहे थे। इनको शर्म भी नहीं आती।”
इससे पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी की रैली को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने ट्वीट करके लिखा था, “मोदी जी, बिहार में शहीदों की चिता ठंडी भी नहीं हुई। एक शहीद का पार्थिव शरीर भी बिहार नहीं आया है और आप अपनी निम्नस्तरीय राजनीति चमकाने बिहार की महान धरती पर आए है। बिहारी बहुत जागरूक है वो आपकी लफ्फाजी और जुमलेबाजी में फंसने वाले नहीं है। आपके पूर्व के वादों का क्या हुआ?”
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में शहीद हुए पिंटू कुमार का पार्थिव शरीर जब पटना एयरपोर्ट पहुंचा तो वहां सरकार की तरफ से कोई नेता या मंत्री उपस्थित नहीं था। ऐसा इसलिए था क्योंकि रविवार को ही एनडीए की तरफ से पटना में संकल्प रैली का आयोजन किया गया और इसमें पीएम मोदी भी शामिल हुए। रैली की तैयारियों में जुटे नेताओं में से किसी को भी शहीद का ख्याल नहीं आया।
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Published: 04 Mar 2019, 10:46 AM IST