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कोटा में छात्रों के मौत का सिलसिला जारी, नीट के दबाव ने छीनी एक और मासूम की जिंदगी, इस साल 8वीं मौत

पुलिस के अनुसार, उसकी बहन खुशी पटेल कोटा में ही जेईई परीक्षा की तैयार कर रही है और मंगलवार रात लगभग नौ बजे जवाहर नगर में कक्षाएं खत्म होने के बाद वह अपने फ्लैट पर लौटी और उसने देखा कि दरवाजा अंदर से बंद था।

कोटा में एक और छात्र ने किया अपना जीवन खत्म
कोटा में एक और छात्र ने किया अपना जीवन खत्म 

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही मध्यप्रदेश की 20 वर्षीय छात्रा ने कोटा में अपने किराये के फ्लैट में पंखे से फंदा लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान खुशबू पटेल के रूप में हुई है और वह दूसरी बार राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रही थी।

इसने बताया कि कोटा में ही कोचिंग ले रही उसकी छोटी बहन मंगलवार रात को जब कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लैंडमार्क सिटी स्थित अपने फ्लैट में लौटी तो उसने खुशबू को फंदे से लटका हुआ पाया। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई ‘सुसाइड नोट’ नहीं मिला है और छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया, इसका सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है।

हालांकि, बताया जा रहा है कि खुशबू पिछली बार नीट-यूजी परीक्षा में लगभग 450 अंक आने के बाद तनाव में थी। पुलिस के अनुसार, उसकी बहन खुशी पटेल कोटा में ही जेईई परीक्षा की तैयार कर रही है और मंगलवार रात लगभग नौ बजे जवाहर नगर में कक्षाएं खत्म होने के बाद वह अपने फ्लैट पर लौटी और उसने देखा कि दरवाजा अंदर से बंद था।

पुलिस ने बताया कि बार-बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसने दोस्तों, सुरक्षाकर्मी और पड़ोसियों से मदद मांगी। इसके बाद ताला खोलने वाले व्यक्ति को बुलाया गया और दरवाजा खोला गया। अंदर खुशबू फंदे से लटकी मिली।

पुलिस के अनुसार उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारी देवेश भारद्वाज ने बताया कि खुशबू दूसरी बार नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही थी और पिछले प्रयास में मिले अंकों को लेकर कथित तौर पर तनाव में थी।

सहायक उपनिरीक्षक अनिल कुमार ने भी पुष्टि की कि मौके से कोई ‘सुसाइड नोट’ बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने खुशबू के दादा देशराज पटेल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि किराये के फ्लैट में छत पर लगा पंखा ‘एंटी-हैंगिंग डिवाइस’ से लैस नहीं था। कोटा छात्रावास संघ के दिशानिर्देशों के तहत छात्रावास के कमरों में ऐसे उपकरण लगाना अनिवार्य है।

‘एंटी-हैंगिंग डिवाइस’ का अर्थ है ऐसा सुरक्षा उपकरण जो पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या करने के प्रयास को रोकने या उसके जोखिम को कम करने के लिए लगाया जाता है। इस साल जनवरी से अब तक कोटा में किसी कोचिंग विद्यार्थी की आत्महत्या का यह आठवां मामला है।

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