
समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि यह इस्तीफा नहीं इंकलाब है। उन्होंने इसे देश की युवा पीढ़ी की जीत बताते हुए कहा कि सरकार को आखिरकार घुटने टेकने ही पड़े। साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी नेगेटिव पॉलिटिक्स करती है, अब उसका भी अंत होगा।
अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा कि ये मनोबल और एकता की जीत है। हर आंदोलनकारी और उनका किसी भी तरह सहयोग करने वाले हर एक को इस ‘बिग विन’ की अनंत बधाई। युवाओं ने परीक्षा और शिक्षा की लड़ाई जीतकर जो शुरुआत की है वह अब संविधान को हाथ में लेकर ईवीएम और चुनाव सुधार तक भी पहुंचेगी। अब बीजेपी चुनावी घपलों और सांसदों-विधायकों की खरीद की जो नेगेटिव पॉलिटिक्स करती है, अब उसका भी अंत होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होगा। सत्ता पोषित मीडिया के ‘दाने-गाने’ के संबंधों का भी अंतकाल होगा। पीड़ित, दुखी, अपमानित पर अब न बुलडोजर चल पाएगा, न किसी निर्दोष का एनकाउंटर होगा। अब किसी दुखी मां का अपमान कोई नहीं कर पाएगा। अब बच्चियों और युवाओं पर कोई हाथ नहीं उठाएगा, अब किसानों, मजदूरों, दुकानदारों, कारोबारियों पर कोई अत्याचार नहीं कर पाएगा। अब भगवान तक को धोखा देने वालों पर कोई रत्ती भर भी ऐतबार नहीं करेगा। साम्प्रदायिक राजनीति का सूरज आज से ढल जाएगा। अब संविधान के दिए हक को कोई नहीं मार पाएगा।
एसपी प्रमुख ने कहा कि जेन-जी की ताकत के सामने सरकार को झुकना पड़ा। जेन-जी की ताकत को देखकर हमेशा कैमरे के सामने बोलने वाले मोबाइल के सामने आना पड़ा। मोबाइल को टेढ़ा करना पड़ा। मोबाइल को टेढ़ा करके अपनी भाषा, व्यवहार बदलना पड़ा, भाषण देना पड़ा। एक ही बार नहीं, दो बार आना पड़ा। नई पीढ़ी के लोग रात में जागते हैं। उन्हें भी रात में आना पड़ा। वैसे तो उनका भाषण शाम आठ बजे होता था, इस बार 12 बजे के बाद आना पड़ा।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह नई पीढ़ी की बड़ी जीत है। सरकार को समझना चाहिए। प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। परीक्षाओं के पेपर लीक न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। इस आंदोलन से सबक सीखना चाहिए कि किसी परीक्षा का पेपर लीक न हो।
इससे पहले आज आजमगढ़ शहर के कुर्मी टोला में दिवंगत एसपी विधायक आलम बदी आजमी के शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने पहुंचे अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार की पूरी परीक्षा प्रणाली को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के संघर्ष और अभूतपूर्व एकजुटता के कारण ही केंद्र सरकार को अपना रुख बदलने पर मजबूर होना पड़ा है।
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उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘यदि सरकार को आखिरकार अपना फैसला बदलना ही था, तो उन्होंने पहले छात्रों से बात क्यों नहीं की? अगर समय रहते संवाद स्थापित कर लिया जाता, तो देश में अनावश्यक तनाव और आंदोलन की स्थिति पैदा ही नहीं होती। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक मामलों को देश के युवाओं के साथ सबसे बड़ा धोखा करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी गंभीर घटनाओं ने देश के लाखों होनहार युवाओं के सुनहरे भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है।
अखिलेश यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘‘केवल एक मंत्री का इस्तीफा ले लेने या एक निर्णय बदल देने से इस महा-संकट का समाधान नहीं होने वाला। इसके लिए सरकार को पूरी भर्ती और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाना होगा, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो सके।’’
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अखिलेश यादव ने दिल्ली में हक की आवाज उठा रहे छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘लोकतंत्र में अपनी जायज मांग रखना हर नागरिक का अधिकार है। ऐसी संवेदनशील समस्याओं का समाधान लाठी के दम पर नहीं, बल्कि संवाद और संवेदनशीलता से होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि यदि युवाओं के अधिकारों, उनके रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग उठाना सत्ता पक्ष की नजर में राजनीति है, तो समाजवादी पार्टी यह राजनीति बार-बार करेगी। हम युवाओं के हितों के लिए अंतिम सांस तक आवाज उठाते रहेंगे।’’
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या की श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा कि दान पत्र में चोरी महा पाप है। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी के बाद अब उच्चतम न्यायालय द्वारा एक अलग विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किए जाने के निर्देश देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि छोटी एसआईटी लखनऊ में बनी तो उसने छोटा खुलासा किया और अब जब बड़ी एसआईटी बनेगी तो वह बड़ा खुलासा करेगी।’’
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इससे पहले, आजमगढ़ पहुंचते ही अखिलेश यादव सीधे निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र के दिवंगत विधायक आलम बदी आजमी के कुर्मी टोला स्थित आवास पर गए। वहां उन्होंने दिवंगत नेता के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। गत दिनों निजामाबाद से पांच बार के विधायक आलम बदी का निधन हो गया। परिवार को ढांढस बंधाते हुए एसपी सुप्रीमो बेहद भावुक दिखे और कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक परिवार है। पार्टी अपने समर्पित नेताओं और कर्मठ कार्यकर्ताओं के परिवारों के साथ हर सुख-दुख में चट्टान की तरह खड़ी रहती है और आगे भी इस परिवार को पूरा सहयोग और संबल देती रहेगी।’’
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