हालात

उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत से इनकार के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की, ओपन कोर्ट में सुनवाई की मांग

कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि पुनर्विचार याचिका बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है और उन्होंने आग्रह किया कि इस मामले की सुनवाई ओपन कोर्ट में की जाए।

दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत से इनकार के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की
दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत से इनकार के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की 

दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जमानत को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। उन्होंने 5 जनवरी को आए उस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है, जिसमें कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

Published: undefined

उमर खालिद की ओर से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने इस मामले का जिक्र सुप्रीम कोर्ट में किया। कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि पुनर्विचार याचिका बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है और उन्होंने आग्रह किया कि इस मामले की सुनवाई ओपन कोर्ट में की जाए। इस पर पीठ ने कहा कि वह इस मांग पर विचार करेगी और जरूरी हुआ तो मामले को ओपन कोर्ट में सुना जाएगा।

Published: undefined

इससे पहले, 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि दोनों आरोपी एक साल तक दोबारा जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते।

हालांकि, इसी मामले में कोर्ट ने अन्य पांच आरोपियों (गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद) को 12 शर्तों के साथ जमानत दे दी थी।

Published: undefined

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के आदेश में यह भी कहा था कि उमर खालिद और शरजील इमाम तभी दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं, जब संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी हो जाए या फिर 5 जनवरी से एक साल का समय बीत जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने कहा था कि अगर एक साल में गवाही पूरी नहीं होती है, तो आरोपी दोबारा जमानत याचिका निचली अदालत में दाखिल कर सकते हैं। बता दें कि इससे पहले उमर खालिद की बहन के निकाह के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट ने खालिद को 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की अंतरिम जमानत मंजूर की थी।

Published: undefined

अदालत ने अंतरिम रिहाई के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लागू की थी, जिनमें उमर खालिद सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेंगे, किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे और केवल परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों व करीबी दोस्तों से ही मिल सकेंगे। इसके अलावा, उन्हें 29 दिसंबर की शाम तक सरेंडर करना था।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

Published: undefined

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined