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यूपी के कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटा, कई गांवों में घुसा पानी, 20-25 गांवों पर बाढ़ का खतरा

कुशीनगर में नारायणी नदी का एपी तटबंध टूटने से कई गांवों में पानी घुस गया। करीब 70-100 मीटर तटबंध टूटा है और 20-25 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

  • कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी का एपी तटबंध टूटने से कई गांवों में पानी घुस गया है।

  • तटबंध में तीन दिन से रिसाव और कटान की स्थिति बनी हुई थी, जिसके बाद करीब 70 से 100 मीटर हिस्सा टूट गया।

  • करीब 20 से 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जबकि प्रशासन ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा है। 

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के एपी तटबंध के टूटने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तमकुहीराज तहसील के ततवा टोला के चैन पट्टी और जवहीं माली एहतमाली के पास सोमवार देर रात तटबंध टूट गया। इसके बाद नदी का पानी तेजी से आसपास के गांवों में घुसने लगा। तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत की बात यह है कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सोमवार रात करीब 12 बजे नारायणी नदी का जलस्तर घटकर करीब 2 लाख 54 हजार क्यूसेक पहुंच गया था। जलस्तर कम होने के बाद नदी में कटान तेज हो गया। तटबंध में बने रेट होल और लगातार हो रहे सीपेज के कारण स्थिति बिगड़ती गई और आखिरकार एपी तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने के बाद करीब दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

तीन दिन से हो रहा था रिसाव, फिर टूटा तटबंध

स्थानीय निवासी संजीव यादव ने आईएएनएस को बताया कि रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच तटबंध टूट गया। उनके मुताबिक, करीब तीन दिन से तटबंध धीरे-धीरे कट रहा था और लगभग दो किलोमीटर तक सीपेज की स्थिति थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तटबंध को बचाने के लिए पहले से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। उनका कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोग तटबंध या रिश्तेदारों के घरों में रह रहे हैं और अभी खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं हुई है।

एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि करीब 100 मीटर तटबंध कटने से 20 से 25 गांव प्रभावित हुए हैं। वहीं रितेश सिंह के मुताबिक, तटबंध का करीब 70 से 100 मीटर हिस्सा टूट गया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीण सुरक्षित हैं, लेकिन उनके सामान को नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार, तटबंध में तीन दिन से रिसाव हो रहा था और सोमवार देर रात अचानक यह टूट गया।

NDRF-SDRF को दिए गए निर्देश

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने गोरखपुर मंडलायुक्त, एडीजी और कुशीनगर के जिलाधिकारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री देर रात तक पल-पल की स्थिति की जानकारी लेते रहे। उनके निर्देश के बाद प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर सक्रिय हैं। NDRF और SDRF की टीमों को भी मौके पर पहुंचकर व्यापक स्तर पर बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और तटबंध टूटने से प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्य तेज करना है।

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