
फीफा विश्व कप 2026 का पहला फाइनलिस्ट मिल गया है। पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने शानदार खेल दिखाते हुए फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम ने आक्रामक खेल के साथ मजबूत डिफेंस का भी बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे फ्रांस को वापसी का मौका नहीं मिल सका। अब स्पेन का सामना फाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। आपको बता दें, खिताबी मुकाबला रविवार को न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा।
मैच के शुरुआती मिनटों में फ्रांस ने तेज शुरुआत की और किलियन एम्बाप्पे ने अपनी रफ्तार से स्पेनिश डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन पहला बड़ा मौका स्पेन के हिस्से आया। 19 वर्षीय लामिन यमाल बॉक्स के अंदर गेंद तक पहले पहुंच गए, जहां फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने उन्हें फाउल कर दिया। रेफरी ने तुरंत पेनल्टी दी और 22वें मिनट में मिकेल ओयरजाबल ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट के भीतर पहुंचाकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी।
पहले हाफ में बढ़त लेने के बाद स्पेन ने दूसरे हाफ में भी अपनी लय बरकरार रखी। 58वें मिनट में दानी ओल्मो के साथ शानदार तालमेल बनाते हुए पेड्रो पोरो ने बेहतरीन फिनिश किया और गेंद को गोलपोस्ट के निचले कोने में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ स्पेन ने 2-0 की बढ़त बना ली और फ्रांस पर दबाव काफी बढ़ गया।
दो गोल से पिछड़ने के बाद फ्रांस ने बदलाव करते हुए डेजिरे डुए और रयान चेर्की को मैदान पर उतारा। एम्बाप्पे ने भी कई बार स्पेन के डिफेंस को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन गोलकीपर उनाई सिमोन हर बार मजबूती से खड़े रहे। वहीं, मार्क कुकुरेला समेत स्पेन के डिफेंडरों ने भी शानदार खेल दिखाया और फ्रांस को पूरे मैच में कोई गोल करने का मौका नहीं दिया।
मैच खत्म होने की सीटी बजते ही स्पेन के खिलाड़ी और समर्थक जश्न में डूब गए। इस जीत के साथ स्पेन फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गया। अब उसकी नजर खिताब जीतने पर होगी। वहीं, हार के बाद फ्रांस का सफर फाइनल से पहले ही समाप्त हो गया और अब उसे तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरना होगा।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए