पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि श्रेयस अय्यर में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का नेतृत्व करने की क्षमता है, लेकिन सीरीज में उनकी बल्लेबाजी की कड़ी परीक्षा होगी।
इंग्लैंड के खिलाफ भारत की टी20 सीरीज से पहले पुजारा ने कहा, "भारतीय टीम में जमे-जमाए टॉप ऑर्डर की मजबूती के कारण वैभव सूर्यवंशी के तुरंत डेब्यू करने की संभावना नहीं है।"
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने जियोस्टार पर कहा, "विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद इंग्लैंड में टी20 सीरीज जीतने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बनना श्रेयस अय्यर के लिए मुश्किल होने वाला है। इसमें कोई शक नहीं है। बेहतर व्हाइट-बॉल पिचों के साथ भी, इंग्लिश कंडीशन में खेलना एक अलग तरह की चुनौती है। श्रेयस पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं। वह दो साल के अंतराल के बाद भारतीय टीम के लिए टी20 खेल रहे हैं। उनके सामने कड़ी चुनौती है।"
पुजारा ने चुनौतियों के बावजूद अय्यर के नेतृत्व पर भरोसा जताया और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उनकी हालिया सफलता की ओर इशारा किया।
उन्होंने कहा, "एक कप्तान के तौर पर, मुझे उन पर कोई शक नहीं है। उन्होंने आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ बहुत अच्छा काम किया है, इसीलिए उन्हें यह भूमिका दी गई है। वह टीम का आगे बढ़कर नेतृत्व करते हैं और अपने खिलाड़ियों को आजादी देते हैं। अय्यर की बल्लेबाजी तय करेगी कि टी20 की राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी कितनी सफल रहती है। बल्लेबाजी में ही उनकी असली परीक्षा होगी। उन्हें मिडिल ऑर्डर में खुद को साबित करना होगा।
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स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने अपने करियर के बाकी समय के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) को अपना स्थायी ट्रेनिंग केंद्र बनाने के मकसद से बेंगलुरु में रहने का फैसला किया है और वह ऐसा करने वाले भारत के पहले प्रमुख मौजूदा क्रिकेटर बन गए हैं।
पंड्या का यह कदम इसलिए सभी का ध्यान खींच रहा है क्योंकि भारत के केंद्रीय अनुंधित खिलाड़ी आम तौर पर चोट से उबरने (रिहैबिलिटेशन), फिटनेस परीक्षण या राष्ट्रीय शिविर के लिए ही सीओई जाते हैं।
पंड्या मूल रूप से गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं लेकिन उन्होंने पिछले दशक में अधिकतर समय मुंबई में बिताया है और मुख्य रूप से अपनी आईपीएल टीम मुंबई इंडियन्स की घंसोली स्थित सुविधा में ट्रेनिंग की है।
अभी जांघ की चोट से उबर रहे 32 वर्षीय पंड्या ब्रिटेन के सीमित ओवरों के मौजूदा दौरे से बाहर हो गए थे। उन्होंने पिछले छह महीने में सीओई में काफी समय बिताया है।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘‘हार्दिक पहले ही स्थायी रूप से बेंगलुरु स्थानांतरित हो चुके हैं। उन्होंने शहर के बाहरी इलाके में सीओई के पास एक संपत्ति किराए पर ली है। वह अपने करियर के बाकी समय के लिए सीओई को अपना स्थायी ट्रेनिंग केंद्र बनाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर होंगे।’’
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इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने खुलासा किया कि उन्होंने बेन स्टोक्स से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया था लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे।
इंग्लैंड सोमवार को ट्रेंटब्रिज में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा और अंतिम टेस्ट 160 रन से हार गया। स्टोक्स ने इस मैच के चौथे दिन ही संन्यास की घोषणा कर सभी को चौंका दिया।
मैकुलम ने स्काई स्पोर्ट्स से कहा, ‘‘जब उन्होंने मुझे बताया कि वह संन्यास लेने जा रहे हैं तो मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की थी। लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे और अपने फैसले पर अडिग थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके फैसले से निश्चित तौर पर मैं थोड़ा उदास हो गया था क्योंकि हम चार साल से इस सफर में साथ रहे हैं और यह एक रोमांचक अनुभव रहा है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस दौरान स्टोक्स के साथ इतने करीब से काम करने का मौका मिला। मैं उन्हें अपना दोस्त, एक सच्चा दोस्त मानता हूं।’’
मैकुलम ने कप्तान और खिलाड़ी के रूप में स्टोक्स के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बहुत अच्छा नेतृत्वकर्ता बताया।
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जर्मनी फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान ओलिवर कान का मानना है कि लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने एक ऐसी फुटबॉल प्रतिद्वंद्विता बनाई, जो किसी और से अलग थी। दोनों ने लगभग दो दशकों तक एक-दूसरे को बेहतरीन बनने के लिए लगातार कोशिश करते हुए वो ऊंचाई देखी, जो अब तक कोई नहीं देख पाया।
जी5 पर फीफा विश्व कप 2026 पर बतौर विशेषज्ञ काम कर रहे ओलिवर कान ने कहा, "क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी ने लगभग दो दशकों तक एक-दूसरे को आगे बढ़ाया है। यह देखना वाकई कमाल का है कि वे किस स्तर का फुटबॉल खेलते रहते हैं। उनकी प्रतिद्वंद्विता प्रदर्शन के आधार पर आयी। हर सीजन में, उन्होंने एक-दूसरे को और भी बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया। फुटबॉल में शायद उस स्तर की निरंतरता और प्रतिद्वंदिता फिर कभी न दिखे।"
कान ने कहा, "वर्ल्ड कप 2002 मेरे करियर के सबसे बड़े अनुभवों में से एक है। फाइनल हारना अभी भी दुख देता है क्योंकि, एक एथलीट के तौर पर, आप हमेशा जीतना चाहते हैं, खासकर वर्ल्ड कप। लेकिन समय के साथ, आप उस सफर, टीम भावना और टीम के साथ साझा किए गए अनुभवों की तारीफ करने लगते हैं। एक गोलकीपर के तौर पर गोल्डन बॉल जीतना बहुत बड़ा सम्मान था, जो खास था। मैं इसे फिर भी वर्ल्ड कप ट्रॉफी से बदल दूंगा।"
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मोरक्को ने सोमवार रात नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में हराकर फुटबॉल विश्व कप से बाहर कर दिया जिसके बाद द हेग में फुटबॉल प्रशंसकों की पुलिस से झड़प हुई जबकि कासाब्लांका में जश्न मनाया गया।
नीदरलैंड में मोरक्को के लोगों की काफी बड़ी आबादी है और जीत के बाद मोरक्को फुटबॉल टीम के प्रशंसक जश्न के मूड में थे लेकिन इस दौरान छिटपुट झड़पें भी हुईं।
द हेग में पुलिस ने बताया कि शिल्डर्सविज्क हलाके में जबरदस्त आतिशबाजी की गई और पुलिसकर्मियों पर पटाखे और पत्थर फेंके गए। दंगा रोधी दस्ते ने भीड़ पर धावा बोला और उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की तेज बौछार का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने कहा, ‘‘हिंसा करने के आरोप में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’’
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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