
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को तत्काल प्रभाव से अलविदा कह दिया है। केन विलियमसन के नाम न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा रन और शतक बनाने का रिकॉर्ड है। संन्यास के साथ ही विलियमसन के 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया है। विलियमसन ने अपना आखिरी टेस्ट लॉर्ड्स में खेला जिसमें न्यूजीलैंड को इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
न्यूजीलैंड क्रिकेट द्वारा जारी एक बयान में विलियमसन ने कहा, "मैंने इस बारे में कुछ समय से सोचा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह साफ हो गया है कि अब सही समय है। मैंने हमेशा इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए एक मजबूत इच्छा और भूख महसूस की है। मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने न्यूजीलैंड के लिए खेले गए हर मैच में अपना सब कुछ दिया है। इससे कम कुछ भी जारी रखना सही नहीं होगा और मैं अपनी शर्तों पर पीछे हटने के लिए खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूं।"
विलियमसन ने कहा, "मैं इस बात को लेकर सकारात्मक महसूस कर रहा हूं कि यह ग्रुप कहां जा रहा है। इसमें बहुत सारा टैलेंट है और इस न्यूजीलैंड टीम के साथ कुछ खास करने की सच्ची इच्छा है। यह एक ऐसी टीम है जिसे मैं प्यार करता हूं, और मैं इतने लंबे समय तक इसका हिस्सा बनकर बहुत खुशकिस्मत महसूस करता हूं। यह मेरे दिल के बहुत करीब रहेगी।"
35 साल के विलियमसन ने 2010 में टेस्ट और वनडे में और 2011 में टी20 में डेब्यू किया था। तीनों फॉर्मेट मिलाकर विलियमसन न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने और सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। तीनों फॉर्मेट मिलाकर 378 मैचों की 452 पारियों में 48 शतक और 103 अर्धशतक की मदद से विलियमसन ने 19,346 रन बनाए।
फॉर्मेट के हिसाब से देखें तो इस कीवी दिग्गज ने 110 टेस्ट की 195 पारियों में 33 शतक और 38 अर्धशतक लगाते हुए 9,515 रन बनाए। 175 वनडे की 167 पारियों में 15 शतक और 47 अर्धशतक लगाते हुए 7,256 रन बनाए। इसके अलावा, 93 टी20 की 90 पारियों में 18 अर्धशतक लगाते हुए उन्होंने 2,575 रन बनाए।
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दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
तीसरी वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की चेन सू यू को मात्र 27 मिनट तक चले एकतरफा मुकाबले में सीधे गेमों में 21-6, 21-9 से पराजित किया।
सिंधू ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपना दबदबा बनाए रखा और आसानी से अंतिम चार में जगह पक्की कर ली।
सेमीफाइनल में सिंधू का सामना जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त अकाने यामागुची से होगा। यामागुची ने भारतीय किशोरी तन्वी शर्मा के शानदार अभियान का अंत करते हुए उन्हें 21-14, 21-14 से हराया। यह मुकाबला 32 मिनट तक चला।
सिंधू और यामागुची के बीच अब तक हुए मुकाबलों के आंकड़ों में भारतीय स्टार का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है। दोनों खिलाड़ियों के बीच खेले गए 28 मुकाबलों में सिंधू ने 15 जबकि यामागुची ने 13 जीत दर्ज की हैं।
सिंधू के लिए यह सेमीफाइनल काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मौजूदा सत्र में उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वह बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर पर लंबे समय से चले आ रहे खिताबी सूखे को समाप्त करने के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।
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दक्षिण अफ्रीक के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपने करियर के अंत तक सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली से भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके बाद उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में भी शामिल किया गया है।
स्टेन ने एसए20 की ओर से पांचवें सत्र से पहले आयोजित बातचीत में कहा, ‘‘ सूर्यवंशी अलग ही स्तर के खिलाड़ी हैं। वह अभी कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से बेहतर हैं। वह एक ‘बॉय वंडर’ हैं और भारतीय क्रिकेट के लिए किसी खजाने की तरह है।’’
उन्होंने आगे कहा, "सचिन और कोहली जैसे दिग्गजों की बात करें तो यह बच्चा आगे चलकर उनसे भी बड़ा बन सकता है। लेकिन जरूरी है कि उसे सही तरीके से संभाला जाए, क्योंकि बड़ी जिम्मेदारी के साथ बड़ी सावधानी भी जरूरी होती है। अगर उसे ठीक से मैनेज नहीं किया गया तो हम उसे खो भी सकते हैं।"
स्टेन ने कहा कि सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत बेहतरीन गेंदबाजी को भी सहजता से हिट करने की क्षमता है।
उन्होंने कहा, "वह बेहतरीन बॉल स्ट्राइकर हैं। भारत में अच्छे विकेट और छोटे मैदानों का उसने बहुत अच्छे से फायदा उठाया है। वह एक बहुत ही प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं।"
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फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से पहले अमेरिका के मुख्य कोच मौरिसियो पोचेटिनो ने कहा है कि उनकी टीम को किसी खास मोटिवेशनल स्पीच की जरूरत नहीं है। उनका मानना है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खेलने वाले खिलाड़ी पहले से ही जानते हैं कि उन्हें कैसे तैयारी करनी है और कैसे प्रदर्शन करना है।
अमेरिका शुक्रवार को लॉस एंजिल्स में अपने पहले मुकाबले में पैराग्वे का सामना करेगा। यह टूर्नामेंट अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया जा रहा है। अमेरिका के लिए यह 12वां वर्ल्ड कप है और टीम घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेगी।
मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पोचेटिनो ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों से पहले ही काफी बातचीत कर ली है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि खिलाड़ियों को मैच से पहले किसी जोशीले भाषण की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। कोच के अनुसार, अब वह समय है जब खिलाड़ियों को खुद मानसिक और भावनात्मक रूप से तैयार होना होगा।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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