
भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला शनिवार को बेंगलुरु में खेला जाना है। सीरीज 2-2 से बराबर है। ऐसे में पांचवां टी20 निर्णायक है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा है कि निर्णायक मुकाबले में टीम इंडिया के बल्लेबाजों को ज्यादा जिम्मेदारी लेनी होगी।
गावस्कर ने संजू सैमसन द्वारा दी गई आक्रामक शुरुआत का फायदा उठाने में असफल रही टीम इंडिया की आलोचना करते हुए कहा कि अगर भारतीय टीम को सीरीज जीतनी है और विश्व चैंपियन के रूप में अपनी साख को मजबूत रखना है, तो पांचवें टी20 में दमदार बल्लेबाजी करनी होगी।
सुनील गावस्कर ने जियोस्टार पर कहा, "इस भारतीय टीम को सबसे पहले यह सुधारना होगा कि वे लक्ष्य का पीछा कैसे करते हैं। इस तरह की पिच पर, जब ओस पड़ रही हो, तो आपको बल्ले से वैसा ही दबदबा दिखाना होगा जैसा लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को दिखाना चाहिए। इस मैच में वह बिल्कुल नहीं दिखा। संजू ने भारत को शानदार शुरुआत दी, लेकिन बाकी बल्लेबाजों ने इसका बिल्कुल भी फायदा नहीं उठाया। अभिषेक शर्मा ने खराब पारी खेली, जो उनके स्टैंडर्ड के हिसाब से ठीक नहीं है। ईशान किशन सीधे कीमो पॉल के जाल में फंस गए, और श्रेयस अय्यर अपने शतक के बाद से चल नहीं पाए हैं।"
गावस्कर ने भारतीय मध्यक्रम की बल्लेबाजी की इस नाकामी की खास तौर पर आलोचना की कि वे एक मजबूत प्लेटफॉर्म को मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने में नहीं बदल पाए। अभिषेक शर्मा का आउट होना, कीमो पॉल के खिलाफ ईशान किशन का फेल होना और शतक के बाद श्रेयस अय्यर का फॉर्म में न लौटना उन चिंताओं में शामिल थे, जिनकी उन्होंने पहचान की। उनका मानना था कि जब सीरीज दांव पर हो तो भारत बार-बार गलती करने का जोखिम नहीं उठा सकता।
पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा टी20 श्रृंखला में कुलदीप यादव को अंतिम एकादश से बाहर करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह समझदारी भरा कदम नहीं है क्योंकि उनकी उपस्थिति से काफी अंतर पैदा हो सकता है।
कुलदीप ने लखनऊ और रांची में खेले गए पहले दो मैचों में हिस्सा लिया, लेकिन इंदौर और हैदराबाद में खेले गए अगले दो मैचों में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने पहले मैच में 33 रन देकर दो विकेट लिए, लेकिन रांची में खेले गए मैच में उन्होंने 53 रन लुटाए, जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘‘यह बहुत हैरानी भरा फैसला है क्योंकि वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कुलदीप की गुगली और लेग स्पिन को समझने में संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में अगर आप कुलदीप को अंतिम एकादश से बाहर रखते हैं तो यह समझदारी भरा फैसला नहीं कहा जा सकता। यह वास्तव में हैरान करने वाला है क्योंकि मुझे लगता है कि उनकी मौजूदगी से 15 से 20 रन का अंतर पड़ सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सच में बहुत हैरानी हुई। कुलदीप को इंदौर में टीम में नहीं रखा गया और मैं इस फैसले का समर्थन करता हूं क्योंकि वहां मैदान छोटा है। लेकिन अगर आप यह सोचते हैं कि रांची में भारत को कुलदीप के कारण हार मिली तो यह सरासर गलत है।’’
भारत शुक्रवार को यहां जब नवनियुक्त कप्तान स्मृति मंधाना के नेतृत्व में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के साथ नए युग की शुरुआत करेगा तो उसकी निगाह अपने खेल को और बेहतर बनाने पर होगी।
यह पहला अवसर है जबकि भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीम द्विपक्षीय श्रृंखला में एक-दूसरे का सामना करेंगी।
भारतीय टीम ने हाल में एशियाई स्तर पर अपना दबदबा साबित किया लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विशेषकर छोटे प्रारूप में उसे अभी काफी सुधार करने की जरूरत है।
भारत का टी20 विश्व कप में पिछले दो टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था जिससे उसकी कमजोरी भी खुलकर सामने आ गई। टीम को अगर ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों को लगातार चुनौती देनी है तो उसे खेल के तीनों विभाग में सुधार करना होगा।
भारत ने पिछले साल अपने घरेलू मैदान पर ऐतिहासिक वनडे विश्व कप जीता था, लेकिन अगले साल की शुरुआत में घरेलू मैदान पर पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी जीतना उसके लिए आसान नहीं होगा।
मैथ्यू ब्रीत्ज़के को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबरहा में 18 अक्टूबर से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए ट्रिस्टन स्टब्स की जगह दक्षिण अफ्रीका की टीम में शामिल किया गया है।
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने बयान में कहा, ‘‘पहले टेस्ट की टीम में एक बदलाव किया गया है। मैथ्यू ब्रीत्ज़के को ट्रिस्टन स्टब्स की जगह टीम में शामिल किया गया है। रयान रिकेल्टन दूसरे टेस्ट में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।’’
दक्षिण अफ्रीका तीन मैचों की श्रृंखला का पहला मैच 214 रन से हार गया था।
दक्षिण अफ्रीका की टीम: तेम्बा बावुमा, मार्केस एकरमैन, डेविड बेडिंगहैम, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, कॉर्बिन बॉश, गेराल्ड कोएत्ज़ी, साइमन हार्मर, मार्को यानसन, केशव महाराज, एडेन मार्क्रम, वियान मुल्डर, सेनुरन मुथुसामी, एनरिक नोर्किया, डेन पैटरसन, कैगिसो रबाडा, रयान रिकेलटन और काइल वेरिन।
जिम्बाब्वे के वनडे और टी20 कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप 2027 . 30 चक्र में उनकी टीम के आने की संभावना के बावजूद अगले साल अफ्रीका में होने वाले 50 ओवरों के विश्व कप के बाद संन्यास का उनका फैसला नहीं बदलेगा ।
जिम्बाब्वे वनडे विश्व कप 2027 में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया के साथ सह मेजबान है ।
रजा ने मोबाइल गेमिंग प्लेटफॉर्म सिक्सर क्रिकेट द्वारा कराई गई बातचीत में कहा ,‘‘ मेरे कैरियर का यह आखिरी दौर है और अपने देश में विश्व कप खेलना मेरे लिये वरदान से कम नहीं है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ हर क्रिकेटर का सपना विश्व कप खेलकर संन्यास लेने का होता है ।’’
यह पूछने पर कि अगर जिम्बाब्वे 2027 . 30 चक्र में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में जगह बनाता है तो क्या उनका फैसला बदलेगा, उन्होंने कहा ,‘‘ नहीं । ऐसा कुछ नहीं होगा । मैने फैसला कर लिया है और वह नहीं बदलने वाला ।’’
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए