मृणाल की बैठक के इस अंक में हम बात करेंगे कश्मीर की जहां एक महीने से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी पाबंदियां जारी हैं। हालांकि गृहमंत्री अमित शाह का दावा है कि कश्मीर के सौ फीसदी बाशिंदे 370 हटाने के पक्ष में हैं, लेकिन सवाल है कि अगर सब इसके पक्ष में हैं तो क्यों पाबंदियां जारी हैं? क्यों जन प्रतिनिधि नजरबंद हैं? क्यों लोगों को आम सुविधाएं मुहैया नहीं हो रही हैं? संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने भी कश्मीर और एनआरसी को लेकर आपत्ति जताई है, ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस पर विचार करे।
इसके अलावा चंद्रयान से जुड़ी बात। वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रयोग कई-कई बार दोहराए जाने के बाद ही सफल होते हैं यह होता आया है, लेकिन चंद्रयान-2 को लेकर जिस किस्म का माहौल बनाया जा रहा है वह हैरतभरा है। साथ ही यह बात भी गौर करने लायक है कि एक तरफ तो सरकार इसरो वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाने का दिखावा कर रही है, दूसरी तरफ अंतरिक्ष अनुसंधान में इसरो की मदद करने वाले संस्थनों को दी जाने वाली सरकारी सहायता को लगातार कम कर रही है।
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