
खबर है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासियों से जुड़े अनुच्छेद 35-ए को समाप्त करने जा रही है। इस वजह से राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि इस संबंध में जल्द हो कोई ऐलान हो सकता है। हालांकि इसका कश्मीर में विरोध हो रोहा है। वहां के निवासी नहीं चाहते कि यह अनुच्छे में कोई फेरबदल हो।
जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टियां भी इसे हटाने के खिलाफ हैं। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती 35-ए के समर्थन में एकजुट होने पर ज़ोर दे रहीं हैं। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फ़ारूक़ और उमर अब्दुल्ला पीएम मोदी से मिलकर हालात पर चिंता जाता रहे हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि अगर अनुच्छेद 35-ए जम्मू-कश्मीर से हटा दिया जाता है तो वहां क्या बदल जाएगा।
1. देश का कोई नागरिक राज्य में ज़मीन खरीद पाएगा, सरकारी नौकरी कर पाएगा, उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला ले पाएगा।
2. महिला और पुरुषों के बीच अधिकारों को लेकर भेदभाव खत्म होगा।
3. कोई भी व्यक्ति कश्मीर में जाकर बस सकता है।
4. वेस्ट पाकिस्तान के रिफ्यूजियों को वोटिंग का अधिकार मिलेगा।
लेकिन इस बदलाव में सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अलगाववादियों को कश्मीर में युवाओं को भड़काने का मौका मिल जाएगा। वहीं पाकिस्तान पूरी कोशिश करेगा कि जम्मू-कश्मीर के हालात खराब हो। पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक बयान में कहा है कि जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक ढांचे में बदलाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ये तो रही बदलाव की बात। अब हम आपको बता देते हैं कि अनुच्छेद 35-ए है क्या और क्यों इसका विरोध हो रहा है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
Published: 02 Aug 2019, 4:03 PM IST