
अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी के बाद अब फिर से तालिबान ने मुल्क पर कब्जा कर लिया है। काबुल के अंदर तालिबान लड़ाके घुस गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगानिस्तान सरकार ने तालिबान के सामने घुटने टेक दिए हैं।
अब तालिबान के हाथ सत्ता में महज औपचारिकताएं ही बाकी हैं। सत्ता हस्तांतरण के लिए पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई की अगुवाई में एक कमिटी भी बन चुकी है। तालिबान की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए नाम पेश किया है मुल्ला अब्दुल गनी बरादर का। मुल्ला के राष्ट्रपति बनने के साथ ही तालिबान ने 20 साल बाद फिर से अपनी हुकूमत कायम कर लेगा। 2001 में अमेरिकी हमले के कारण तालिबान को काबुल छोड़कर भागना पड़ा था।
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