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अर्थतंत्र की खबरें: सोना 5 महीने के उच्चतम स्तर 1.64 लाख पर, वैश्विक तनाव से सेंसेक्स 172 अंक टूटा

सोने की कीमतें पांच महीने से अधिक के उच्चतम स्तर 1.64 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं। ऐसा वैश्विक रुख और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मांग बढ़ने से हुआ।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमतें पांच महीने से अधिक के उच्चतम स्तर 1.64 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं। ऐसा वैश्विक रुख और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मांग बढ़ने से हुआ।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 900 रुपये बढ़कर 1,64,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) हो गई, जो शुक्रवार को 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रही थी।

सोने की कीमत आखिरी बार नौ मार्च को इस स्तर के आसपास थी। उस समय यह 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।

सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी में भी लगातार तीसरे सत्र में बढ़त देखी गई और यह 3,500 रुपये बढ़कर चार महीने से अधिक के उच्चतम स्तर 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गई।

पिछले सत्र में चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। आखिरी बार यह 17 अप्रैल को इस स्तर के आसपास थी, जब इसकी कीमत 2,53,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि सोमवार को घरेलू बाजारों में सोने में तेजी आई, जबकि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कमजोर डॉलर और सुरक्षित निवेश की मजबूत मांग से चांदी की कीमतें भी ऊंची बनी रहीं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोना 42.45 डॉलर या एक प्रतिशत बढ़कर 4,646.54 डॉलर प्रति औंस हो गया और चांदी 69 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही।

कोटक सिक्योरिटीज की जिंस शोध विभाग की एवीपी, कायनात चैनवाला ने कहा कि सोमवार को वैश्विक बाजार में हाजिर सोने की तेजी जारी रही और यह 4,650 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया।

सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि सर्राफा में अगली चाल भू-राजनीति पर कम और महंगाई पर ज्यादा निर्भर हो सकती है।

वैश्विक तनाव बढ़ने, कच्चे तेल की ऊंची कीमत से सेंसेक्स 172 अंक टूटा

वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की ऊंची कीमत से घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स 172 अंक टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी 33 अंक के नुकसान में रहा।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की ओर से ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए जाने की आशंका के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की ऊंची कीमत से जोखिम लेने की धारणा प्रभावित हुई है।

सकारात्मक शुरुआत के बावजूद 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स शुरुआती बढ़त कायम नहीं रख सका और 171.72 अंक यानी 0.22 प्रतिशत टूटकर 77,369.11 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 339.17 अंक तक लुढ़क गया था।

इसी तरह 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 32.95 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,219.05 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट रही।

रुपया तीन पैसे टूटकर 95.74 प्रति डॉलर पर

अमेरिकी मुद्रा में मजबूती और घरेलू बाजारों में कमजोरी के बीच रुपया शुरुआती बढ़त गंवाकर सोमवार को तीन पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.74 (अस्थायी) पर रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि डॉलर-रुपये की जोड़ी सीमित दायरे में कारोबार करती रही। ब्रेंट कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, आयातकों की ओर से डॉलर की निरंतर मांग और ईरान को निशाना बनाने वाले अमेरिका के नए प्रतिबंधों को लेकर सतर्क रुख से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.65 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.64 के उच्च स्तर तक गया और 95.75 के निचले स्तर तक आया। अंत में यह 95.74 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद भाव से तीन पैसे की गिरावट है।

रुपया शुक्रवार को तीन पैसे की मामूली बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.71 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चितता के कारण रुपये में हल्का नकारात्मक रुख रहने के आसार हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी रुपये पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि, ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना घटने से अमेरिकी डॉलर में कुल मिलाकर कमजोरी रुपये को निचले स्तर पर समर्थन दे सकती है। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.50 से 96 के दायरे में रहने का अनुमान है।’’

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 प्रतिशत बढ़कर 98.98 पर रहा।

घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 171.72 अंक टूटकर 77,369.11 अंक पर जबकि निफ्टी 32.95 अंक की गिरावट के साथ 24,219.05 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 1.62 प्रतिशत फिसलकर 92.86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

सरकार ने गेहूं के निर्यात पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटाई

सरकार ने गेहूं के निर्यात पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटा दी है जिसमें ‘ड्यूरम’ किस्म भी शामिल है।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से जारी अधिसूचना में गेहूं निर्यात पर लगी रोक हटाने की जानकारी दी गई।

इसके अलावा, सरकार ने गेहूं के आटे और मैदा एवं सूजी जैसे अन्य उत्पादों के निर्यात की भी अनुमति दे दी है।

सरकार ने इस साल फरवरी में गेहूं के सीमित मात्रा में निर्यात की अनुमति दी थी।

डीजीएफटी की एक अधिसूचना में कहा गया, ‘‘गेहूं की निर्यात नीति को तत्काल प्रभाव से 'प्रतिबंधित' की जगह 'मुक्त' कर दिया गया है।’’