
देश के मौजूदा हालात को लेकर नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने बहुत ही तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि लोगों में धार्मिक आधार पर बंटवारा नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि सब में एकता बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए।
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अमर्त्य सेन ने कहा, ''मुझे लगता है कि अगर मुझसे कोई पूछेगा कि क्या मुझे किसी चीज से डर लगता है? मैं कहूंगा- हां।'' डरने की एक वजह है। देश के मौजूदा हालात डर की वजह बन गए हैं। अमर्त्य सेन ने ये बातें कोलकाता में अमर्त्य रिसर्च सेंटर के उद्घाटन के मौके पर कहीं।
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सेन ने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि देश एकजुट रहे। मैं ऐसे देश में विभाजन नहीं चाहता, जो ऐतिहासिक रूप से उदार था। हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा। भारत केवल हिंदुओं या मुसलमानों का नहीं हो सकता। उन्होंने देश की परंपराओं के आधार पर एकजुट रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा, 'भारत केवल हिंदुओं का देश नहीं हो सकता। साथ ही अकेले मुसलमान भारत का निर्माण नहीं कर सकते। हर किसी को एक साथ मिलकर काम करना होगा।'
अमर्त्य सेन ने कहा कि भारत में सहिष्णुता की एक अंतर्निहित संस्कृति थी क्योंकि यहूदी, ईसाई और पारसी सदियों से हमारे साथ रहे थे।
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