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'ऑनलाइन Form 6 में गैरकानूनी बदलाव का आदेश किसने दिया?', राहुल ने पूछा- TCS में किसने दी मंजूरी?

आयोग ने 26 सितंबर की बैठक के बाद कहा था कि एसआईआर से संबंधित अतिरिक्त घोषणा का इस्तेमाल एसआईआर अवधि तक किया जाना है और इसके बाद की अवधि में निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।

'ऑनलाइन Form 6 में गैरकानूनी बदलाव का आदेश किसने दिया?', राहुल ने पूछा- TCS में किसने दी मंजूरी? (फोटो- विपिन)
'ऑनलाइन Form 6 में गैरकानूनी बदलाव का आदेश किसने दिया?', राहुल ने पूछा- TCS में किसने दी मंजूरी? (फोटो- विपिन) फोटो- विपिन

  • मतदाता पंजीकरण से जुड़े ऑनलाइन फॉर्म-6 में किए गए बदलाव पर सवाल

  • राहुल गांधी ने पूछा- इस बदलाव का आदेश आयोग में किसने दिया था

  • इसे लागू करने के लिए 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज' (टीसीएस) में किस अधिकारी ने मंजूरी दी

  • राहुल का सवाल- क्या उन पर ऐसा करने के लिए दबाव डाला गया था?

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मतदाता पंजीकरण से जुड़े ऑनलाइन फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से फिर से सवाल पूछा है। कांग्रेस सांसद ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा और सवाल किया कि इस बदलाव का आदेश आयोग में किसने दिया था।

उन्होंने यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि इसे लागू करने के लिए 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज' (टीसीएस) में किस अधिकारी ने मंजूरी दी।

राहुल गांधी का निर्वाचन आयोग से सवाल 

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ऑनलाइन फॉर्म-6 को अवैध रूप से बदला गया था, जैसा कि निर्वाचन आयोग के अपने आयुक्तों ने रिकॉर्ड में दर्ज किया है।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘आयोग में किसने टीसीएस को यह बदलाव करने का आदेश दिया? टीसीएस में किसने इस पर हस्ताक्षर कर मंजूरी दी? और क्या उन पर ऐसा करने के लिए दबाव डाला गया था?’’

क्या है मामला?

दरअसल, यह पूरा मामला ऑनलाइन फॉर्म-6 में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित एक अतिरिक्त घोषणा को शामिल किए जाने को लेकर सामने आया है। फॉर्म-6 नए मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

अंग्रेजी दैनिक 'द इंडियन एक्सप्रेस' में पिछले दिनों प्रकाशित खबर में कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस बदलाव पर आयोग के भीतर आपत्ति दर्ज की थी।

निर्वाचन आयोग की सफाई 

दूसरी तरफ, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया था, बल्कि एसआईआर के दौरान उसके साथ एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया था।

आयोग का कहना है कि यह घोषणा एसआईआर से संबंधित आदेशों के तहत अतिरिक्त आवश्यकता थी और मूल वैधानिक फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं किया गया।

आयोग ने 26 सितंबर को क्या कहा था?

आयोग ने 26 सितंबर की बैठक के बाद कहा था कि एसआईआर से संबंधित अतिरिक्त घोषणा का इस्तेमाल एसआईआर अवधि तक किया जाना है और इसके बाद की अवधि में निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। उसने कहा कि इसके बाद उन राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से यह अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई, जिनमें एसआईआर पूरा हो चुका है।

पीटीआई के इनपुट के साथ

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