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ईरान पर फिर हमले की तैयारी? ट्रंप बोले- चुनाव से पहले हो सकता है हमला, तेहरान का जवाब- हम तैयार

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या मिडटर्म चुनावों से पहले ईरान पर दोबारा हमला किया जा सकता है, तो ट्रंप ने कहा कि इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका जल्द जीत हासिल कर सकता है।

  • ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का सबसे बड़ा लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

  • ट्रंप के मुताबिक, युद्ध समाप्त होने के बाद वैश्विक तेल कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है

  • ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश दोबारा युद्ध शुरू होने की स्थिति के लिए तैयार है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका बहुत जल्द इस युद्ध में जीत हासिल कर लेगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने संभावित हमले की कोई तारीख बताने से इनकार किया।

ट्रंप ने रविवार को PGA टूर प्रेसीडेंट्स कप के दौरान फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। उनका अनुमान है कि तेल के दाम संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर तक वापस पहुंच सकते हैं।

ईरान पर दोबारा हमले की कही बात

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना अमेरिका की प्राथमिकता है। उन्होंने परमाणु हथियारों के मुद्दे को पूरे संघर्ष का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताया। जब उनसे पूछा गया कि क्या मिडटर्म चुनावों से पहले ईरान पर दोबारा हमला किया जा सकता है, तो ट्रंप ने कहा कि इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन उन्होंने इस संबंध में ज्यादा जानकारी देने से बचते हुए कहा कि वह अभी कुछ नहीं बताना चाहते।

ट्रंप ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक प्रतिबंधों का भी इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि सैन्य मोर्चे पर अमेरिका पहले ही बड़ी सफलता हासिल कर चुका है, हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि अमेरिकी कार्रवाई समाप्त हो गई है।

ईरान की आर्थिक स्थिति पर भी ट्रंप ने गंभीर दावे किए। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान में महंगाई की दर करीब 300 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और उन्हें मिली ताजा जानकारी में यह आंकड़ा 318 प्रतिशत बताया गया है। उन्होंने ईरान की मुद्रा, अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता पर भी गंभीर दबाव होने का दावा किया।

ईरान ने कहा- किसी भी बड़े युद्ध के लिए तैयार

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने NBC न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ संघर्ष दोबारा शुरू होने की स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान बेहद बड़े और विनाशकारी युद्ध का सामना करने के लिए भी तैयार है।

अराघची ने कहा कि ईरान को अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनावों से कोई विशेष सरोकार नहीं है। उनके अनुसार, ईरान के लिए सबसे महत्वपूर्ण उसका राष्ट्रीय हित है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका देश कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है और शांति की किसी भी संभावित कोशिश को नजरअंदाज नहीं करेगा।

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के ईरान के प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है। हालांकि, उनके मुताबिक इस संबंध में ईरान को अब तक आधिकारिक तौर पर कोई कूटनीतिक सूचना नहीं मिली है।

अराघची के अनुसार, ईरान की प्रमुख मांगों में विदेशों में फ्रीज की गई उसकी रकम और संपत्तियों को वापस करना तथा उसे अपने तेल का निर्यात करने की अनुमति देना शामिल है। उन्होंने कहा कि जून में तैयार किए गए अस्थायी युद्धविराम समझौते के समझौता ज्ञापन (MoU) में भी इन मुद्दों को शामिल किया गया था। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों की ओर से हुए हमलों के चलते यह समझौता आगे नहीं बढ़ सका।

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