
इंडोनेशिया के तट के पास शनिवार तड़के आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से दहशत फैल गई। अब तक दो लोगों की मौत की खबर है। समुद्र के भीतर आए इस भूकंप के बाद सुनामी की आशंका को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है।
भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए हैं। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र समुद्र के अंदर करीब 35 किलोमीटर की गहराई में था।
EMSC के अनुसार, स्थानीय समयानुसार भूकंप सुबह करीब 4:58 बजे आया। मुख्य झटके के बाद कम से कम तीन आफ्टरशॉक दर्ज किए गए। लगातार महसूस हो रहे झटकों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच डर का माहौल है और आगे भी झटके आने की आशंका बनी हुई है।
समुद्र के अंदर भूकंप आने के बाद इंडोनेशिया की मौसम और भूभौतिकी एजेंसी BMKG ने एहतियात के तौर पर कुछ इलाकों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की। एजेंसी की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और भूकंप के असर के साथ-साथ संभावित सुनामी के खतरे का आकलन कर रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया की सुनामी चेतावनी एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस भूकंप से ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि, उसके द्वीपों या अन्य क्षेत्रों के लिए फिलहाल सुनामी का कोई खतरा नहीं है। इससे ऑस्ट्रेलिया में राहत की स्थिति बनी हुई है।
लोगों ने बताया कि भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और लोग घबराकर बाहर निकल आए। उनके मुताबिक, मौमेरे में पेलनी बंदरगाह टर्मिनल का प्रतीक्षालय भी ढह गया।
करीब 17 हजार द्वीपों वाला इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्रों में गिना जाता है। इसी वजह से इंडोनेशिया में अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
इंडोनेशिया पहले भी विनाशकारी भूकंप और सुनामी का सामना कर चुका है। दिसंबर 1992 में 7.0 तीव्रता के भूकंप के बाद आई सुनामी ने फ्लोरेस द्वीप में भारी तबाही मचाई थी। उस आपदा में करीब 2,500 लोगों की जान चली गई थी।