
सितंबर 2018 में प्यूर्तो रिको में एक बेहोश महिला का दो लोगों द्वारा यौन शोषण किए जाने की घटना में आए अदालत के फैसले पर शुरू हुई बहस के बाद पुर्तगाल की संसद बलात्कार की परिभाषा बदलकर उसका दायरा बढ़ाने जा रही है। इसके बाद पुर्तगाल में रेप कानून में सुधार कर बिना सहमति के किसी भी तरह के शारीरिक संबंध को बलात्कार माना जाएगा।
पुर्तगाल की संसद ने सर्वसम्मति से इस संशोधन प्रस्ताव को संसदीय समिति के पास भेज दिया है। अगला कदम समिति के मसौदे पर संसद में वोटिंग करने का होगा, जिसको लेकर व्यापक आम राय को देखते हुए इसका पास होना लगभग तय माना जा रहा है।
अगर पुर्तगाल इस नए संशोधन को पास कर देता है तो वह बेल्जियम, साइप्रस, ब्रिटेन, जर्मनी, आइसलैंड और लक्जमबर्ग जैसे देशों की फेहरिस्त में आ जाएगा, जहां रेप का आधार आपसी सहमति को बनाया गया है ना कि हिंसा को।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, यूरोपीय संघ की हर दस में से एक महिला को 15 वर्ष की उम्र के बाद किसी ना किसी तरह की यौन हिंसा झेलनी पड़ती है। एमनेस्टी का कहना है कि रेप कानूनों से सब कुछ तो नहीं बदलेगा, लेकिन सोच बदलने और न्याय पाने की दिशा में यह एक अहम कदम तो है ही।
अब तक पुर्तगाल में लागू कानून में किसी को जबर्दस्ती बनाए गए सेक्स संबंध को साबित करने के लिए हिंसा के साक्ष्य देने पड़ते हैं। कानून को बदलने के लिए अभियान चलाने वाले लोगों का कहना है कि हिंसा के सबूत की शर्त के कारण ऐसे कई मामलों में न्याय नहीं हो पाता, जहां किसी से बेहोशी की हालत में या मर्जी के खिलाफ सेक्स किया गया हो।
सितंबर 2018 में प्यूर्तो रिको की अदालत के सामने आए एक मामले में दो पुरुषों पर 26 साल की एक बेहोश महिला के साथ सेक्स करने का आरोप था। लेकिन अदालत ने उन्हें बलात्कार का दोषी नहीं माना और उसे ‘परस्पर बहकावे’ की घटना करार दिया था। इसी फैसले के बाद देश में बलात्कार कानून को बदलने के लिए अभियान चलाया जा रहा था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही ‘इस्तांबुल समझौता’ मौजूद है, जिसका मकसद महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा से उनकी सुरक्षा है। इस कानून के साथ पुर्तगाल अंतरराष्ट्रीय समझौते की मान्यताओं के और करीब आ जाएगा। इस्तांबुल समझौते में पुर्तगाली सरकार ने 2012 में बदलाव लाए थे और फिर 2014 से वह लागू भी हो गया। लेकिन सरकार के आलोचकों का कहना है कि प्रशासन उसे कानून की शक्ल में पूरी तरह लागू कराने में अब तक असफल रहा है।
पड़ोसी देश स्पेन में बीते सालों में ऐसे मामलों पर काफी प्रदर्शन हुए हैं। 2016 की पैंपलोना बुल दौड़ के दौरान एक महिला पर पांच पुरुषों ने हमला कर उसे कोने में घेर लिया और फिर उसके साथ जबर्दस्ती की। इन पुरुषों ने उस कृत्य का वीडियो भी बनाया। गैंगरेप के आरोप वाले इस मामले में भी उन लोगों पर केवल यौन दुर्व्यहार के मामूली दोष सिद्ध हुए क्योंकि अदालत को हिंसा के पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
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