
6 अक्टूबर को सभी विपक्षी दलों के निर्वाचन सदन तक मार्च करेंगे
8 अक्टूबर इंडिया गठबंधन के सभी दल जिला स्तर पर प्रदर्शन करेंगे
10 से 20 अक्टूबर तक कांग्रेस ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेगी
25 अक्टूबर से 25 नवंबर के बीच कांग्रेस का विशेष अभियान
1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली होगी
25-26 नवंबर तक 6 अलग-अलग राज्यों से 'दिल्ली चलो' यात्रा होगी
कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के खिलाफ ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ महाअभियान का ऐलान कर दिया है। इसके तहत पार्टी ने नवंबर तक तीन चरणों में अभियान का ऐलान किया है। इसी दौरान 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक महारैली का आयोजन किया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने कांग्रेस महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों के साथ बैठक कर मंगलवार को प्रस्तावित विपक्षी सांसदों के मार्च और निर्वाचन आयोग मामले में पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और महासचिव जयराम रमेश ने तीन चरणों में चलाए जाने वाले पार्टी के अभियान की जानकारी दी।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक एक महीने का विशेष अभियान चलाएगी। जयराम रमेश ने कहा, "कांग्रेस पार्टी एक महीने का कार्यक्रम चलाएगी। हम घर-घर जाकर हर बूथ पर चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए नामों को फिर से जुड़वाने की कोशिश करेंगे। छह राज्यों की जानकारी बूथ के स्तर पर अभी हमारे पास है। हमारे पास अभी करीब 10 लाख बूथ हैं, करीब 13 से 13.5 करोड़ नाम हैं। एक महीने के अंदर पूरा कांग्रेस संगठन का प्रयास होगा कि वे घर-घर जाकर 13.5 करोड़ नाम जो काटे गए हैं, उन्हें एकत्रित करके और उजागर करके उनका नाम सूची में लाने का काम करेंगे।"
जयराम रमेश ने कहा कि 6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से सभी विपक्षी पार्टियों के सांसद संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च निकालेंगे। 8 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां जिला स्तर पर वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगी। 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस पार्टी वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर बाइक रैली, साइकिल रैली और पदयात्रा करेगी।
जयराम रमेश ने आगे बताया कि 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक कांग्रेस पार्टी राज्य, जिले और गांव स्तर पर 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैलियां करेगी। इस दौरान कांग्रेस नेता घर-घर जाएंगे और हर बूथ पर चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए करीब साढ़े 13 करोड़ नामों को फिर से जुड़वाने की कोशिश करेंगे। फिर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की एक महारैली होगी, जिसमें शामिल होने के लिए सभी विपक्षी पार्टियों को निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद 25-26 नवंबर तक 6 अलग-अलग राज्यों से 'दिल्ली चलो' यात्रा होगी और 'वोट बचाओ, देश बचाओ और सीईसी हटाओ' के नारे के साथ दिल्ली में महाप्रदर्शन करेंगे।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों, प्रभारियों और महासचिवों को ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आक्रामक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उनके मुताबिक, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी कहा है कि यह आंदोलन एक-दो दिन का नहीं होगा, बल्कि लगातार और आक्रामक तरीके से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना और चुनाव प्रणाली में सुधार कराना है। वेणुगोपाल ने निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब ‘‘चीटिंग कमीशन ऑफ इंडिया’’ बन गया है।
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इससे पहले जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि फॉर्म 6 में दुर्भावनापूर्ण बदलाव, जिसके बारे में संकेत दिया गया था कि उसे सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी हासिल है, सीईसी के छलपूर्ण आचरण का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने कहा, "सीईसी ने न सिर्फ झूठ बोला है, बल्कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के इशारे पर कानून का उल्लंघन भी किया है और संविधान की भावना और उसके शब्दों के साथ विश्वासघात किया है।"
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