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सत्य निकेतन हादसा: मालिक की तलाश में जुटीं 10 टीमें, दिल्ली-UP समेत कई जगहों पर छापेमारी, अब तक 7 लोगों की मौत

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 7 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने मालिक हरिराम बंसल की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें लगाई हैं और कई जगह छापेमारी की जा रही है।

फोटो: विपिन
फोटो: विपिन 

दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में भवन मालिक हरिराम बंसल की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 अलग-अलग टीमें गठित की हैं। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। घटनास्थल पर फंसे लोगों की तलाश अभी जारी है।

इन 10 टीमों में स्थानीय जिला पुलिस और स्पेशल स्टाफ के जवानों के साथ जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। सभी टीमों की कमान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडिशनल डीसीपी) रैंक के अधिकारियों को सौंपी गई है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं और अलग-अलग स्थानों पर चल रही तलाशी का समन्वय कर रहे हैं।

दिल्ली, हरियाणा और यूपी में छापेमारी

पुलिस के मुताबिक, इमारत के मालिक हरिराम बंसल का पता लगाने और उसे हिरासत में लेने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने रविवार को हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ इमारत गिरने के मामले में एफआईआर दर्ज की थी।

पुलिस के अनुसार, 5 मंजिला इमारत का इस्तेमाल पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय बेसमेंट में कथित तौर पर नवीनीकरण का काम चल रहा था और इसी दौरान अचानक पूरी इमारत ढह गई।

'हॉस्टल डेज' में रहते थे कई छात्र

'हॉस्टल डेज' के नाम से मशहूर यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के तौर पर चल रही थी। घटना के समय परिसर में कई छात्र मौजूद थे। मलबे में फंसे लोगों में बड़ी संख्या में छात्रों के होने की आशंका है, क्योंकि दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास के कई कॉलेजों के छात्र यहां पीजी में रह रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पास की एक अन्य इमारत भी ढह गई। इससे इलाके में आसपास की इमारतों की सुरक्षा और उनकी संरचनात्मक स्थिति को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

सीएम रेखा गुप्ता ने दोबारा लिया जायजा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह दुर्घटनास्थल का दोबारा दौरा किया। उन्होंने मौके पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और हादसे के बाद चल रहे बचाव अभियान समेत अन्य कार्रवाई की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर मामले में लापरवाही या चूक के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारी जिम्मेदार पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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