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यूपी के कई जगहों पर आज भी होलिका दहन, चन्द्रग्रहण के कारण कल खेली जाएगी होली

इस साल का पहला चंद्रग्रहण आज लग रहा है। यह ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण होगा, जिसका प्रभाव भारत के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

यूपी के कई शहरों में सोमवार रात 12 बजे के बाद होलिका दहन किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर मंगलवार शाम यानी आज भी होलिका जलाई जाएगी। चंद्रग्रहण के कारण आज रंगों का त्योहार नहीं मनाया जाएगा और अब होली 4 मार्च को खेली जाएगी।

इस साल का पहला चंद्रग्रहण आज लग रहा है। यह ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण होगा, जिसका प्रभाव भारत के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। हालांकि भारत में इसका आरंभ दिखाई नहीं देगा, क्योंकि चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण शुरू हो जाएगा।

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कब से है ग्रहण

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, खग्रास चंद्रग्रहण का मोक्ष देश के सुदूर पूर्वी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जबकि अन्य स्थानों पर केवल खंड ग्रहण का अंत दिखाई देगा। 3 मार्च को चंद्रोदय शाम 6:12 बजे होगा। सूतक काल सुबह 9:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह ग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में भी दिखाई देगा।

चंद्रोदय के समय इसका अंतिम चरण रूस, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, श्रीलंका, मालदीव और हिंद महासागर के क्षेत्रों में नजर आएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह ग्रहण सूर्य की सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।

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सूतक काल के दौरान क्या नहीं करना चाहिए

सूतक काल के दौरान मंदिरों में प्रवेश, मूर्तियों को स्पर्श, भोजन ग्रहण करना और यात्रा करना वर्जित माना गया है। हालांकि बच्चे, बुजुर्ग और रोगी आवश्यकता होने पर भोजन कर सकते हैं। खाद्य पदार्थों जैसे दूध, दही और घी में तुलसी या कुश रखने की परंपरा बताई गई है। ग्रहण समाप्ति के बाद ताजा पानी लेने की सलाह दी गई है।

गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है और उन्हें धारदार वस्तुओं के उपयोग से बचने को कहा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रहण के दौरान मंत्र जप, विशेषकर ‘ॐ नमः शिवाय’ या इष्ट देव का स्मरण शुभ माना जाता है।

ज्योतिषविदों और खगोलशास्त्रियों का कहना है कि यह खग्रास चंद्रग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में केवल मोक्ष काल में ही दिखाई देगा। केंद्रीय संस्कृति विश्वविद्यालय के डॉ. अश्विनी पांडेय के मुताबिक, ग्रहण का प्रभाव होली के उत्सव पर पड़ेगा, इसलिए शुभ कार्यों से परहेज करने की सलाह दी गई है। सूतक काल के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और मूर्ति स्पर्श निषिद्ध रहेगा। इसी कारण कई स्थानों पर होलिका दहन एक दिन पहले संपन्न कराया गया।

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