
मालदा के महीष बाथानी इलाके में 100 से ज्यादा TMC नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए।
कांग्रेस में जाने वालों में 13 पंचायत सदस्य, एक पंचायत समिति सदस्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष और ब्लॉक उपाध्यक्ष शामिल हैं।
नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होना है।
TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद पार्टी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया है।
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और झटका लगा है। नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले मालदा के महीष बाथानी इलाके में TMC के 100 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इनमें 13 पंचायत सदस्य, एक पंचायत समिति सदस्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष, ब्लॉक उपाध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हैं।
कांग्रेस में शामिल होने का यह कार्यक्रम बलरामपुर में आयोजित किया गया, जिसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक बी. हल्दर समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।
महीष बाथानी कभी कांग्रेस का मजबूत इलाका माना जाता था। हालांकि, पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी और TMC के प्रभाव के बढ़ने के साथ इस क्षेत्र में भी कांग्रेस का जनाधार कमजोर हुआ। अब स्थानीय स्तर पर TMC नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने को कांग्रेस की वापसी की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
TMC छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए शराफत अली ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के खिलाफ मजबूती से मोर्चा खोलने की क्षमता कांग्रेस में ही है।
इस बीच पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है। वहीं रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर से जुड़ी राजनीतिक परिस्थितियों के कारण खाली हुई है।
रेजीनगर सीट पर TMC ने रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, नंदीग्राम में TMC की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। TMC ने यहां कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है।
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