
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक बार फिर एसआईआर को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा कि ये नोटबंदी के बाद बीजेपी सरकार का वोटबंदी अभियान है। बीजेपी की नीयत तब भी ख़राब थी, अब भी ख़राब है।
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अखिलेश यादव ने एक्स पर एक खबर पोस्ट करते हुए कहा, पहले तो सिर्फ़ मुसलमान लोगों को कागज के लिए परेशान किया जाता था, अब तो हिंदुओं को भी नोटिस पर नोटिस जा रहे हैं। कोई दावा कर रहा था कि हम गलत वोटों के पकड़े जाने पर उन लोगों को डिटेंशन सेंटर भेज देंगे तो क्या अब वो वोट के आधार पर नागरिकता तय करेंगे और लोगों को उनके खेत, जमीन, घर-मकान से बेदखल करेंगे क्या?
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अखिलेश यादव ने कहा, जब नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन जी के परिजनों को नकार दिया गया तो आम लोगों का क्या, वो बेचारे तो लड़ भी नहीं पाएंगे, उल्टे वोटर कार्ड नहीं होने पर वो और उनके परिवार के बुजुर्ग और बच्चे अपने हक़-अधिकार, विरासत, जायदाद, जमा-पूंजी के ज़ब्त हो जाने के डर से हमेशा तनाव और चिंता में ही रहेंगे।
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समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि सच तो ये है कि बीजेपी ने अपनी बेईमानी, धोखेबाजी और चाल-चरित्र के ऐतिहासिक पतन के कारण अपना जनाधार पूरी तरह खो दिया है। इसीलिए अब बीजेपी को सिर्फ धांधली का ही भरोसा है। उसके तथाकथित पन्ना प्रमुख खुद ही भाजपाइयों को देखकर मुंह फेर ले रहे हैं क्योंकि बीजेपी के गोरखधंधे, गलत नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी, बेकारी की वजह से वो अपने गांव, समाज, बिरादरी में मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं।
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पूर्व सीएम ने कहा कि जनता कह रही है कि ये तो सीधी सी बात है कि आज जिन कागजों को दिखाकर वोटर के नाम, उम्र और अन्य विवरण को ठीक करने का दावा चुनाव आयोग कर रहा है, वही कागज तो पहले भी वोटर ने दिखाए थे, तब फिर गलती कैसे हुई और क्या गारंटी कि फिर नहीं होगी? इसका मतलब गलती चुनाव आयोग ने करी और वोट सही कराने के लिए, अपना सारा काम छोड़कर दौड़ना जनता को पड़ रहा है।
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अखिलेश यादव ने कहा कि दरअसल सीधी बात ये है कि ये पीडीए के वोट काटने का एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है, जिसमें अगर वोटर थोड़ा जागरूक हुआ तो अपना नाम जुड़वा लेगा नहीं तो नाम ठीक कराने में आ रही दिक्कतों के कारण पीछे हट जाएगा। पीडीए प्रहरियों और ईमानदार बीएलओ की वजह से बीजेपी और उनके संगी-साथी अपनी चाल में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। पीडीए प्रहरी याद रखें: एक भी झूठा वोट न जुड़ने पाए, एक भी सही वोट न कटने पाए, एक भी सही वोट न घटने पाए।
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