शख्सियत

‘रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल, जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है...’ आज ग़ालिब का जन्मदिन है 

मिर्जा गालिब का असली नाम मिर्जा असदुल्लाह बेग खान था लेकिन वे दुनिया भर में मिर्जा गालिब के नाम से लोकिप्रय हैं। आज उनका 121वां जन्मदिन है।

फोटो : सोशल मीडिया
फोटो : सोशल मीडिया 

हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पर दम निकले

बहुत निकले मेरे अरमां, फिर भी कम निकले’

‘दिल-ए-नादां, तुझे हुआ क्या है

आखिर इस दर्द की दवा क्या है’

ये उर्दू के लोकप्रिय शायर मिर्जा गालिब कुछ पक्तियां हैं। गालिब की 220वीं जयंती पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया। मिर्जा गालिब का असली नाम मिर्जा असदुल्लाह बेग खान था लेकिन वो दुनियाभर में मिर्जा गालिब के नाम से लोकिप्रय हैं। गालिब भारत के लोगों को ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करते हैं।

Published: undefined

गालिब का जन्म 27 दिसंबर 1797 को मुगल शासक बहादुर शाह के शासनकाल के दौरान आगरा के एक सैन्य परिवार में हुआ था। छोटी उम्र में ही गालिब से पिता का सहारा छूट गया था जिसके बाद उनके चाचा ने परवरिश की लेकिन उनका साथ भी लंबे वक्त का नहीं रहा और बाद में नाना-नानी के साथ वो रहे। गालिब का विवाह 13 साल की उम्र में उमराव बेगम से हो गया था। शादी के बाद ही वह दिल्ली आए और उनकी पूरी जिंदगी यहीं बीती।

उन्होंने 11 साल की उम्र में कविता लिखना शुरू कर दिया था। उर्दू उनकी मातृभाषा थी लेकिन वह पारसी और तुर्की भाषा में भी समान पारंगत थे। उर्दू और परसी भाषा के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रभावशाली कवि भी थे। उन्होंने ऐसे समय में लिखना शुरू किया, जब देश में मुगल साम्राज्य अपने अंतिम चरण में था और भारत को ब्रिटिश हुकूमत में अपने शिकंजे में कसना शुरू कर दिया था।

गालिब के साथ एक ऐसा भी समय आया था, जब उन्‍हें मुसलमान होने का टैक्‍स देना पड़ता था। ये टैक्‍स उस समय अंग्रेज लगाते थे। जब वो पैसे के मोहताज हो गए तो उन्होंने अपने आप को कई दिनों तक कमरे में बंद रखते थे।

मिर्जा गालिब के नाम से 1954 में हिंदी सिनेमा में उन पर पहली फिल्म बनी थी। इसमें भारत भूषण ने गालिब का रोल निभाया था और फिल्म का संगीत गुलाम मोहम्मद ने दिया था। फिल्म को लोगों ने काफी पसंद भी किया। इस फिल्म में गालिब के लिखे गजलों को तलत महमूद ने गाया था।

Published: undefined

सन 1961 में पाकिस्तान में भी मिर्जा ग़ालिब पर इसी नाम से एक फिल्म बनी। इस फिल्म को एमएम बिल्लू मेहरा ने बनाया था। इस फिल्म में पाकिस्तानी फिल्म सुपरस्टार सुधीर ने गालिब का रोल निभाया था और नूरजहां उनकी प्रेमिका बनी थीं।

1988 में गुलजार ने मिर्जा ग़ालिब पर एक सीरियल बनाया था। ये धारावाहिक डीडी नेशनल पर आता था और काफी पसंद भी किया गया। नसीरुद्दीन शाह ने इसमें गालिब का रोल निभाया था। इस धारावाहिक के लिए ग़जलें जगजीत सिंह और चित्रा सिंह ने गाई थीं।

Published: undefined

मिर्जा गालिब का 15 फरवरी, 1869 में निधन हो गया था। उनका मकबरा दिल्ली के निजामुद्दीन में चौसठ खंभा के पास है।

Published: undefined

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined

  • बड़ी खबर LIVE: पश्चिम बंगाल के पहले बीजेपी सीएम बने शुभेंदु अधिकारी, 5 मंत्रियों ने भी ली शपथ

  • ,
  • 'बेरोजगारी सबसे बड़ी बीमारी, BJP के पास इसका जवाब लाठी', राहुल गांधी बोले- भाजपा के झूठ से तंग आ चुका है भारत का युवा

  • ,
  • वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अगले नौसेना प्रमुख नियुक्त, एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की जगह लेंगे

  • ,
  • शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, बंगाल की पहली BJP सरकार का नेतृत्व करेंगे, ऐसा रहा है राजनीतिक सफर

  • ,
  • 'रवींद्रनाथ टैगोर के प्रगतिशील विचार मानवता को कर रही प्रेरित', गुरुदेव की जयंती पर कांग्रेस ने किया याद