
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे की घोषणा कर दी गई। इसके तहत बीजेपी के हिस्से 121 सीटें, जबकि जेडीयू के हिस्से 122 सीटें आई हैं। फैसले के मुताबिक जेडीयू अपने कोटे में से पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) को 7 सीटें देगी, जबकि बीजेपी अपने कोटे से मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को सीटें देगी, जिससे बीजेपी की बातचीत अंतिम चरण में है।
मंगलवार शाम पटना में आयोजित एनडी के संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीट बंटवारे का ऐलान करते हुए कहा कि एनडीए अपने काम के दम पर राज्य में चुनाव लड़ेगी। इस दौरान एलजेपी के बिहार में एनडीए से अलग होने पर उन्होंने कहा, "कोई क्या बोल रहा है, उससे मतलब नहीं है। हमलोग मिलकर काम कर रहे हैं और आगे भी करेंगे।"
वहीं एलजेपी के मुद्दे पर डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि अगर आज रामविलास पासवान स्वस्थ रहते, तो ये स्थिति पैदा नहीं होती। सुशील मोदी ने ये भी कहा कि जरूरत पड़ी तो हम चुनाव आयोग को लिखकर देंगे कि एनडीए से जुड़े सिर्फ चार दल ही प्रधानमंत्री के चित्र का इस्तेमाल कर सकते हैं, अन्य किसी दल को प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं होगा।
इस दौरान बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने दोहराया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बीजेपी चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाएगी, इसमें किसी प्रकार के शक की गुंजाइश नहीं है। एलजेपी के सवाल पर संजय जायसवाल ने कहा कि एनडीए के नेता चाहते हैं कि रामविलास पासवान जल्द स्वस्थ हो जाएं, लेकिन बिहार में बीजेपी नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। इस बारे में स्पष्टता है।
पटना में आयोजित एनडीए के संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव, बीजेपी के बिहार चुनाव प्रभारी देवेंद्र फड़णवीस, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित कई नेता उपस्थित रहे। हालांकि पूरे प्रेस कांफ्रेस के दौरान एलजेपी और चिराग पासवान का मुद्दा ही छाया रहा।
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